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Friday, January 25, 2013


'विश्व-हिन्दी-दिवस' के अवसर पर बाल कविता प्रतियोगिता
          
'विश्व-हिन्दी-दिवस' के अवसर पर प्रत्येक वर्ष  'नेपाल हिन्दी साहित्य परिषद' वीरगंज में 'बाल कविता प्रतियोगिता' आयोजित करता रहा है। इस वर्ष भी १२ जनवरी २०१३ के दिन स्थानीय पूजन होटल के सभाकक्ष में विद्यालय स्तरीय 'बाल हिन्दी कविता प्रतियोगिता' का आयोजन किया जिसमें पर्सा जिला के विभिन्न विद्यालयों से लगभग बीस प्रतिभागियों को कविता-वाचन का अवसर प्रदान किया गया। समारोह की शक्ल में आयोजित इस प्रतियोगिता की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश सिकरिया ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सदभावना पार्टी के स्थानीय नेता एवं जिलाध्यक्ष श्री निजामुद्दीन समानी थे। निर्णायक मण्डल में प्राध्यापक डाँ. हरीन्द्र हिमकर तथा हिन्दी भाषा ओर साहित्यानुरागी श्रीमती वन्दना कर्ण थीं। हिन्दी भाषा-प्रयोग को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता के लिए 'सूर्योदय, धरती तथा विनम्रता' शीर्षक निर्धारित किए गए थे। इस प्रतियोगिता में स्थानीय डी.पी. एस.स्कूल की छात्रा द्वय  भाव्या कुमारी और सौम्या चौरसिया क्रमशः प्रथम और तृतीय स्थान प्राप्त किए जबकि द्वितीय स्थान पर पशुपति शिक्षा मन्दिर की निकिता जैन रहीं इनके अतिरिक्त डी..वी. की छात्रा श्रेया वाहेती तथा विश्व हिन्दू संस्कृत विद्यापीठ के विनय र्सराफ को विशिष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया इस अवसर पर मंचासीन वक्ताओं ने हिन्दी के वैश्विक परिदृश्य की चर्चा करते हुए नेपाल में हिन्दी भाषा की लोकप्रियता की चर्चा की तथा यह भी कहा कि भाषा समाज को तोडने नहीं बल्कि जोडने का काम करती है। लेकिन सबने एक स्वर से स्वीकार किया कि नेपाल में हिन्दी के प्रति पूर्वाग्रहग्रसित राजनैतिक दृष्टिकोण के कारण इसका अतीत समृद्ध होते हुए भी वर्त्तमान निराशाजनक है

Friday, January 27, 2012

नेपाल में विश्व हिन्दी दिवस

चौदह जनवरी २०१२ को बीरगंज (नेपाल) के वाणिज्य संघ सभागार में नेपाल हिन्दी साहित्य परिषद्, वीरगंज ने विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर बाल हिन्दी कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया। एक समारोह के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नेपाली काँग्रेस के सभासद श्री ओमप्रकाश शर्मा थें। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद् के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिकरिया ने तथा कार्यक्रम का संचालन कुमार सचिदानंद सिंह ने किया। त्रिसदस्यीय निर्णायक मंडल में के.सी.टी.सी. महाविद्यालय के हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष डाँ.हरीन्द्र हिमकर, कवि गोपाल अश्क एवं ठा.रा.ब. क्याम्पस की हिन्दी विभाग की उप-प्राध्यापक डा .गीता कुमारी थीं। बच्चों में हिन्दी लेखन के प्रति प्रोत्साहन जागृत करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने एक स्वर से हिन्दी के अन्तराष्ट्रीय स्वरूप विकसित होने की बात स्वीकार की और यह भी कहा कि हिन्दी हमारी संस्कृति की भाषा है। राजनैतिक रूप से इसे विवादों में नहीं घसीटा जाना चाहिए। इस प्रतियोगिता में बीस विद्यालयों के पच्चीस छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया जिसमें 'चिड़ीया', 'सवेरा' और 'पहाड़' शीर्षक निर्धारित किए गए थें। डी.ए.वी.आर.वी. केडिया स्कूल वीरगंज की दसवीं कक्षा की छात्रा सुकृति सिंह ने 'चिड़ीया' शीर्षक कविता के आधार पर प्रथम, पशुपति शिक्षा मन्दिर की छात्रा निकिता ने द्वितीय और त्रिभुवन-हनुमान माध्यमिक विद्यालय के छात्र कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन दों की कविता का शीर्षक 'सवेरा' था। इनके अतिरिक्त विश्व हिन्दी संस्कृति विद्यापीठ की नीलम कुमारी गुप्ता, पशुपति शिक्षा मन्दिर की दिव्या अग्रवाल और त्रिभुवन हनुमान माध्यमिक विद्यालय की सीमा कर्ण नें सान्त्वना पुरस्कार प्राप्त किए। इसके साथ ही स्थानीय डी.ए.वी.के छात्र सुधांशु शेखर एवं सेंटजेवियर के छात्र सुधांशु सौरभ ने स्तरीय कविता वाचन किया जिसकी प्रशंसा निणायक मंडल ने भी की लेकिन परिषद् परिवार से जुड़े होने के कारण इनकी रचनाएँ प्रतियोगिता में शामिल नहीं थी। कार्यक्रम में नेपाल हिन्दी साहित्य परिषद के संस्थापक दीप नारायण मिश्र, भारतीय महावाणिज्य दूतावास के पी.डी. देशपांडे, पी. शशी, पूर्व मंत्री सुरेन्द्र प्रसाद चौधरी, सद्भावना पार्टी के निजामुद्दीन समानी, समाजसेवी विनय यादव, मारिसस से आए आचार्य उमानाथ शास्त्री भी उपस्थित थें|